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अरे बचपन तेरे लिये तोमैं कई जन्म रूका रहा।कुछ खिलखिलाने का मन थाकुछ मुस्काने का दिल बना था,कुछ बिना बात चलने का नशा थाकुछ बिना कहे समझने का शौक था।वह खेत को सींचने की बात थीवह जंगल का बड़ा साथ थावह अजीब सी लिखा-पढ़ी थीवह अद्भुत मन में उछाल था।अरे बचपन तेरे लिये तोमैं कई जन्म रूका रहा,कुछ नींद तुझमें ऐसी थीकुछ खेल न्यारे-प्यारे थे।कुछ हँसी चुराने की अदा थीकुछ टेड़ी-मेड़ी दौड़ थी,कुछ शब्दों का भँवर थाकुछ प्यार के झोंके थे।**महेश रौतेला

bachpan tere li..

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whichever way you adorei am fascinated to the core.regained spirits dance its waybringing all the cheer of the day!now-and-then i smile to myselffor it is once again yourself –numbered clouds across the skyshift my dreams so high!it may not be once againto think what we did gain.pleasing smiles spread the newsit is nothing more to muse.

to the core

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property in naini..

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2nd time(there is always a second time, after first time)2don’t loose your heart, don’t loose your heart, don’t loose your heart baby,(there is always a sunny morning, after sunshine)2कल की  तू सोचे भला क्यूँ,आज की तू सुन लेमिल जाएगी तुझको मंज़िल, राहों को तू अपनी चुन लेथमता नहीं है जैसे, लहरों का है यह समंदरमिटने न देना तू भी, जोश है जो तेरे अंदरमुश्किल अगर है तेरी डगर, तू होसलो को चक देहारे है न हारेंगे , चट्टानों से यह कह de ...(there is always a second time,after first time)2don’t loose your heart, don’t loose your heart, don’t loose your heart baby,(there is always a sunny morning, after sunshine)2मौके   मिलेंगे तुझको ,तक़दीर को तू अपनी लिख लेकिस्मत यह तेरी बदल जायेगी,म्हणत के रंग तू चख लेयह वक़्त ठहरता नहीं है, आगे ही बढ़ता है हरदमजितनी है गर बाज़ी, रुकने न दे तू कदमआग लगा कर पानी में, तू, शोला सीने में भर लेमोड दे तू रुख हवाओं का, इन फ़िज़ाओं से कह  दे। ......(there is always a second time,after first time)2don’t loose your heart, don’t loose your heart, don’t loose your heart baby,(there is always a sunny morning, after sunshine)2

2nd time

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nanhi परीमें तो हु एक नन्ही परी, छोटी सी है मेरी नगरी,चाहु में तो बस इतना, दिल में रहू में (बन  के परी)पंख लगा कर  तू मुझको  उड़ने दे , आसमा में रंग ख़ुशी के घुलने दे(२)में तो हु एक नन्ही परी, छोटी सी है मेरी नगरी,मेरे है संग, सारी ज़मीन, मेरे ही संग है ज़मानाचाहु जिसे, कर लू अपना,बना दू में अपना दीवानायह ज़िन्दगी, है चार दिन की, आज है तो कल न मिलेगीजीना है तो जम के जिले, नजाने कब फिर ख़ुशी मिलेगीमेरे तो है यह अरमा, चाहु दिल में रहु में यहांकोई  न मुझसे होये खफा, कोई न मुझसे (होये जुदा)(हर एक चेहरे की मुस्कान मुझको बनने देफूलो सी ज़िन्दगी का गुलशन मुझसे खिलने दे)-२में तो हु एक नन्ही परी, छोटी सी है मेरी नगरी,मुश्किल अगर है ,तेरी डगर,हौसला न तू हार जानासीखा है यह सबसे मैंने, सदा ही तुम मुस्करानामध्यम सी, हवा जो बहकी, करती है देखो क्या इशारेमीठी सी धुन, कहती क्या सुन,जिले चार दिन ज़िन्दगी के प्यारेइन लम्हो  को तू अपना, पूरा कर तू हर सपनाकर कुछ ऐसा तू आये,किस्मत तेरी (खुल जाए)3(ऐसे हसीं सपनो के संग मुझे रहने देइन लम्हो को हर पल मुझको जीने दे)2में तो हु एक नन्ही परी, छोटी सी है मेरी नगरी,

nanhi pari

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brussels 2019

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नन्ही जानवह नन्ही सी तो परी थी,उस बेचारी की क्या गलती थी।मान लिया उसने तुम्हे अपना,क्यों बिगाड़ दिया तुमने उसका सपना।उसके भोलेपन से तुमने खेला,अंदाज़ा तुम्हे है के कितना दर्द उसने झेला।अपनी दरिंदगी में उसके इज़्ज़त को लूटा,इंसानियत को तुमने कहलाया झूठा।शर्म आना चाहिए ऐसे लोगों को,जिन्होंने नोंच लिया उस बच्ची को।उस मासूम से उसका छीना बचपन ,तोड़ दिया उसके ख्वाबों का दर्पण।हसती-खेलती उम्र में कर लिया उसका शोषण,उसके हसिन ज़िन्दगी का कर लिया तुमने अपहरण।वो भी तो एक औरत है जिसके गर्भ से तुमने जन्म लिया,उस मासूम के चेहरे पर क्या तुम्हें ना दिखा अपने माँ का साया।चुरा लिया उससे तुमने उसका मुस्कान,और कितना गिरेगा तू बता ऐ इंसान।बन जाओ इंसान उस खुदा के वास्ते,वरना तू भी मरेगा किसी नन्ही जान के हाथ से।

nanhi pari

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नन्ही जानवह नन्ही सी तो परी थी,उस बेचारी की क्या गलती थी।मान लिया उसने तुम्हे अपना,क्यों बिगाड़ दिया तुमने उसका सपना।उसके भोलेपन से तुमने खेला,अंदाज़ा तुम्हे है के कितना दर्द उसने झेला।अपनी दरिंदगी में उसके इज़्ज़त को लूटा,इंसानियत को तुमने कहलाया झूठा।शर्म आना चाहिए ऐसे लोगों को,जिन्होंने नोंच लिया उस बच्ची को।उस मासूम से उसका छीना बचपन ,तोड़ दिया उसके ख्वाबों का दर्पण।हसती-खेलती उम्र में कर लिया उसका शोषण,उसके हसिन ज़िन्दगी का कर लिया तुमने अपहरण।वो भी तो एक औरत है जिसके गर्भ से तुमने जन्म लिया,उस मासूम के चेहरे पर क्या तुम्हें ना दिखा अपने माँ का साया।चुरा लिया उससे तुमने उसका मुस्कान,और कितना गिरेगा तू बता ऐ इंसान।बन जाओ इंसान उस खुदा के वास्ते,वरना तू भी मरेगा किसी नन्ही जान के हाथ से।

nanhi pari

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gent

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ओ मेरी सरकारये भी बंद कर दे, व भी बंद कर देरोजगार भी बंद कर दे,केवल भाषण दे दे,गपसप चला दे।जहाँ भी जाऊँएक घूँट चाय पिऊँ,और लम्बी हाँक करतन कर सो जाऊँ।जनता रोये तो रोयेचुनाव में पिटे तो पिटे,ओ मेरी सरकारये भी बंद कर दे, व भी बंद कर दे,अठन्नी -चवन्नी इधर भी खिसका दे।*महेश रौतेला

o meri sarakar

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