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छोटे छोटे सवालो के जवाब 

भी हम ना ढूंढ पाये

अब तुम्ही बताओ 

पटेल जैसा नेता 

हम कहाँ से लाये 

 

कितनी ही रियासतों को 

पल मैं एक कर दिया 

(सरदार) नाम मैं उनके पहले से था 

सरदार बन कर दिखा दिया 

 

झुकना होता है क्या 

वो जानते नहीं थे 

नाजायज़ मांगे किसी की भी 

वो मानते नहीं थे 

 

मानव तो थे वो हार्ड मॉस के 

लोह पुरुष बन कर दिखा दिया 

राज़ और नीति के मायने है क्या 

यह दुनिया को दिखा दिया 

 

काश: आज वो हमारे बीच में होते 

चोराहे पे हम खड़े आज यूँ ना रोते

बेठे है सिंहासनो पर जो आज  

उनको नहीं आती कुछ भी लाज 

 

गुजरात नाम ऐसे ही नहीं मिला

       (गुजरात को)

कुछ भी कर गुजरते है जो 

वो ही गुजरात की माटी में मिला करते है 

दोस्तों इसी माटी में मोदी जैसे कमल खिलते है 

Sardar VallabhBh..

Poems 0

दीदार उनका जो हो गया था
दिल दीवाना ये खो गया था
फिर भी उनसे ना कह ये पाए
पयार उनसे ही हो गया था
दीदार उनका जो हो गया था।

निगाहे उनसे मिल गई थी
दिल की कलियां खिल गई थी
तीर आंखों से जो चलाया
होश मेरा यूं खो गया था
दीदार उनका जो हो गया था

होश संभाला तो मैंने जाना
बन ना जाए कोई फसाना
बात होठो मे  फिर दबा ली
रुसवाई का डर हो गया था
दीदार उनका जो हो गया था।

दिल की धड़कन खो रही थी
आंखें भी नम सी हो रही थी
मंजर था वह अजब निराला
मिल के भी वो खो गया था।
दीदार उनका जो हो गया था।

बात दिल कि मैं कह ना पाई
पास उनके भी रह ना पाई
याद अपनी उनहे बनाया
हिस्सा दिल का जो हो गया था
दीदार उनका जो हो गया था

Didar unka jo ho..

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