Follow Us
  • SIGN UP
  • tumbhi microsites
tumbhi microsites

Writing Writing

आशक़ी को मेरी

आशक़ी को मेरी तू छुपा ना सके,
दूर जा के भी मुझसे... दूर जा ना सके,
दूर जा के भी मुझसे... दूर जा ना सके...
Aashqi ko meri tu chupa naa sake,
Dur ja k bhi mujhse... Dur jaa na sake,
Dur ja k bhi mujhse... Dur jaa na sake...
आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले...
Aazma le mujhe,
Aazma le

अपने दिल में मुझे,
तू जगह दे....
आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले....
Apne dil mein mujhe,
Tu jagah de...
Aazma le mujhe,
Aazma le...

Listen to my every beat,
It's gonna Just repeat..
Listen to my every beat,
It's gonna Just repeat..

आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले...
अपने दिल में मुझे,
तू जगह दे....
आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले....

महकी सी हवा,
कहती है बता,
तेरे दिल का पता...
छूने दे मुझे,
तेरी हर अदा...

मेरे इश्क़ को,
यूँ ना दे सज़ा,
आज मुझको को तू,
ये बता दे...
तेरी हां दे,
या सज़ा दे...
अपनी मुझको तू वफ़ा दे...

आशक़ी को मेरी तू छुपा ना सके,
दूर जा के भी मुझसे... दूर जा ना सके,
दूर जा के भी मुझसे... दूर जा ना सके...

I swear it day n night...
I want u by my side...
U know it well n right,
I want u as my bride...

आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले...
अपने दिल में मुझे,
तू जगह दे....
आज़मा ले मुझे,
आज़मा ले....
 

Farhana Firdaus

Aashqui ko meri

Lyrics 1

तेरे हुस्न का..

अभी जो यूँ ज़िंदा हूँ मैं,
तेरी नज़र का कमाल है...
बेवक़त चाँद जो निकल गया....
तेरे हुस्न का जमाल है...

ये रात कैसे महक गई?
तेरी ज़ुल्फ़ें शायद बिखर गई...
मेरा होश जैसे खो गया,
एक तेरा हो के रह गया...

ये शोखियां आसमानी है,
तेरे होटों पे सिमटा रूहानी है...
अजीब ये भी कहानी है,
हर वक़्त तेरी मनमानी है...

ख्यालों पर जो तेरा पहरा है,
कुछ राज़ जैसे गहरा है...
जब सोचता हूँ मैं तुझे,
तू परियों का कोई चेहरा है...

तेरा रंग यूँ सुन्हेरा है,
लगा आशिक़ों का मेला है...
तू है एक तिशनगी की तरह,
मेरा दिल बस तुझ पे मरता है...

अभी जो यूँ ज़िंदा हूँ मैं,
तेरी नज़र का कमाल है...
बेवक़त चाँद जो निकल गया....
तेरे हुस्न का जमाल है...

-फरहाना फिरदौस
 

Tere husn ka

Poems 1

Explore →
Tumbhi blog

Why should you..

Why should you bring some ART home?

read blog
tumbhi advisors

L C Singh

Member, Film Writers Association, Mumbai Playwright and Author - feature film..
advisors
USERSPEAK

Ashish Singh

Har dohe, har Kavita ka saraansh ek shabd mein bata doon, Us shabd ko hothon se lagakar to

more testimonials
GO