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जिन्दा हु मै हर इक सांस भारी है

साँस लेने की कोशिशे बदस्तूर जारी है 

जाने कब तलक चलेगा कारोबार सांसों का सट्टा बाज़ार में बोली जारी है

जो मौत जीती तो में हारा, जो जिंदगी तो में ही हारा

अजीब सा एक खेल जारी है

कल फिर सहर होगी इस शब के बाद, कल भी तो ऐसा ही हुआ था

शब सहर , सहर शब दुनियादारी है

आना जाना जाना आना जारी है

आज वोह सो ही गया, पिछली चोदह रातों से जागा था मै जीसके साथ

चाँद को नींद आ ही गयी

नींद को मेरी आँखों से कोई गिला भारी है 

रोज़ रोज़ एहसान जताना अच्छी बात नहीं 

मगर ये सच है, जिंदगी मेरी तुजसे वफादारी है 

कैसे भी हो जीये जाना जारी है

जिन्दा हु मै , जिन्दा हु मै, जिन्दा हु मै

 

JInda hu mein

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mohit khare

Tanhaion ko mehfil mil jaatee hai. Jazbaaton ko manzil mil jaatee hai. Yehi wo jagah hain

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